Here’s a little monitor for kids

Our child does not lag behind in technology, so you give your mobile to him. But are you, confident that he is safe in the online world? How to protect the baby here.


In the digital world, children have also become addicted to mobile. Parents are also taught children to use the internet to keep it connected. To an extent, this is fine. With the changing times your child also learned new things, it is necessary. But, when the child of mobile and internet becomes addicted, then understand this is a danger bell. Recently, the “Blue Whale Challenge” game ended the life of many children. Some parents do not even know what their child is doing on the Internet. It is very important to monitor children. Vigilance is also needed in the case of the internet and technology.

Delhi’s Cyber Expert Kislay Chaudhary says, “It is important to monitor the children on the use of the Internet. Parents should know what the child is doing in the world of the Internet. If you want, put the “parental control application” into the mobile.With this help, you with block the games or apps that you want to keep your kids away from. But, it’s better to download any apps, control kids or not give mobile, get conversations. Parents should talk to children. Any application can help to the extent that you can convince him by talking and discussing with the child. Explain the difference between the internet and real life to your child. Tell children the right use of mobile and internet ‘.

Discussion on the use of the Internet

There are many opportunities for children on the Internet. Increase your creativity, stay in touch with friends and understand technology But, this does not mean that you sit anxiously and sit down. Continue to communicate with the child on how to use the internet and how to stay connected with it. If you want, you can decide some rules too.If the child is active on social media, then tell him what he should post and also explain about privacy settings. The more you talk to the child on this subject, the easier it is for the Internet to use. Also, give the child the confidence that he can feel free to help you when he is in trouble.

Control is essential for browsing

For the protection of children, the parental control works as a security cover. Of course, it comes within the scope of rigidity. Use it in the use of the internet. Block the content that is harmful to your children’s computer, mobile, and laptop. Keep filtering the harmful content periodically. Keep track of how much time your child is spending on the Internet, what app is downloading, shopping sites, or visiting other sites.

Danger from strangers

Even in the world of the Internet, children have the same danger to strangers, as in the real world. Tell the children that they do not give their personal information to any stranger. In the early stages of using the internet, children should be taught to be cautious about strangers. If anyone is in contact with anyone on the Internet, then he does not need to add more. If your children know the basic rules of “Stranger Danger”, then they will not be unaware of its danger.Children are more interested in the online activity. In such a situation, the advice and information given on Siam-Siam will be good for them.

Children That Stay In Online Life Incorporated

Do not pacify the Internet like any other wrong thing while disclosing the profits and losses of browsing to children. This will make the children feel that they should not do so while using the Internet. It is better to draw a streak of trust in front of the children. Assure them that you can get help if you have any problems with internet browsing or social media.

Connecting on social media

Want to come to the social media platform by stepping into Teenage This new online challenge for parents becomes. Preventing children from this platform is not a solution to the problem. It is better to prepare them for this to include them in your social account. By doing so you can see their online activity interfering without privacy. Of course, the child’s online security can be difficult for you, but it can be made easy by carefully.

Author Jyoti Raghav





जरुरी है यहाँ थोड़ी निगरानी

हमारा बच्चा टेक्नोलॉजी में पिछड़ न जाये , इसलिए आप अपना मोबाइल उसे दे देते है। पर क्या आप इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि वो ऑनलाइन दुनिया में सुरक्षित है? कैसे यहाँ बच्चे की सुरक्षा करें

डिजिटल दुनिया में बच्चों को भी मोबाइल की लत लग चुकी है। टेक्नोलॉजी से जोड़कर रखने कि लिए पेरेंट्स भी बच्चों क इंटरनेट का इस्तेमाल करना सिखा रहे है । एक हद तक यह ठीक है। बदलते वक्त के साथ आपका बच्चा भी नई चीजें सीखे , यह जरुरी है। मगर , जब मोबाइल और इंटरनेट की बच्चे को लत जाए तो समझिए यह खतरे की घंटी है। हाल ही में ” ब्लू व्हेल चैलेंज” गेम ने कितने बच्चों की जिंदगी खत्म कर दी। कुछ पेरेंट्स को पता ही नहीं  होता कि उनका बच्चा इंटरनेट पर क्या कर रहा है। बच्चों पर नजर रखना बेहद जरुरी है। इंटरनेट और टेक्नोलॉजी के मामले में भी सतर्कता जरुरी है।

दिल्ली के साइबर एक्सपर्ट किसलय चौधरी कहते हैं कि ‘ इंटरनेट के इस्तेमाल को लेकर बच्चों पर निगरानी रखना जरूरी है। पेरेंट्स को पता होना चाहिए कि इंटरनेट कि दुनिया में बच्चा क्या-क्या कर रहा है। चाहें तो ” पेरेंटल कण्ट्रोल एप्लीकेशन ” मोबाइल में डालकर रखें।

इसकी मदद से आप उन गेम्स या एप्स को ब्लॉक कर सकते हैं, जिनसे आप अपने बच्चों को दूर रखना कहते हैं। लेकिन, कोई भी एप्स डाउनलोड करने, बच्चों पर कण्ट्रोल करने या मोबाइल न देने से बेहतर है, बातचीत कि जाए। पेरेंट्स को बच्चों से बात करनी चाहिए। कोई भी एप्लीकेशन उस हद तक मदद सकता, जितना कि बच्चे के साथ बातचीत और चर्चा करके आप उसे समझा सकते है। इंटरनेट और असली जिंदगी का फर्क अपने बच्चे को समझाएं। बच्चों को मोबाइल और इंटरनेट का सही इस्तेमाल बताएं’।

इंटरनेट के इस्तेमाल पर करें चर्चा

इंटरनेट पर बच्चों के लिए कई अवसर हैं। अपनी क्रिएटिविटी बढ़ाने के, दोस्तों से संपर्क में रहने के और टेक्नोलॉजी को समझने के। लेकिन, इसका मतलब यह नहीं कि आप बेफिक्र होकर बैठ जाएं। इंटरनेट कैसे इस्तेमाल करना चाहिए और इसके जरिए लोगों से कैसे जुड़े रहना है, इस पर बच्चे से लगातार बातचीत करते रहें। चाहें तो कुछ नियम भी तय कर सकते हैं। बच्चा अगर सोशल मीडिया पर सक्रिय है, तो क्या पोस्ट करना चाहिए यह तो बताएं ही, साथ ही प्राइवेसी सेटिंग्स के बारे में भी उसे समझाय। आप बच्चे से इस विषय पर जितनी बात करेंगे, इंटरनेट का इस्तेमाल उसके लिए उतना ही सहज रहेगा। बच्चे को यह भरोसा भी दिलाएं कि किसी मुसीबत में फ़ंसने पर वह बेझिझक आपसे मदद ले सकता है।

ब्राउज़िंग पर कण्ट्रोल है जरुरी

बच्चों कि सुरक्षा के लिए माता-पिता का नियंत्रण एक सुरक्षा घेरे का काम करता है। बेशक यह कठोरता के दायरे में आता हो। इंटरनेट के इस्तेमाल में भी इसे अपनायें। अपने बच्चों के कंप्यूटर, मोबाइल और लैपटॉप से हानि पहुंचाने वाले कंटेंट को ब्लॉक करें। नुकसानदेह कंटेंट को समय-समय पर फ़िल्टर करते रहें। आपका बच्चा इंटरनेट पर कितना समय बिता रहा है, कौन से एप डाउनलोड कर रहा है, शॉपिंग साइट्स देख रहा है या और साइट्स पर विजिट कर रहा है, इस पर निगरानी रखें।

अजनबियों से खतरा

इंटरनेट कि दुनिया में भी बच्चों को अजनबियों से उतना ही खतरा है, जितना कि वास्तविक दुनिया में। बच्चों को बतायं कि किसी भी अजनबी को वह अपनी निजी जानकारी न दें। इंटरनेट इस्तेमाल करने के शुरूआती दौर में ही बच्चों को यह सिखा देना चाहिए कि अजनबियों को लेकर सतर्क रहें। अगर इंटरनेट पर हु किसे से सम्पर्क में भी है, तो उसे ज्यादा जुड़ने कि उसे जरूरत नहीं है। ” स्ट्रेंजर डेंजर ” का मूल नियम अगर आपके बच्चों को पता होगा, तो इसके खतरे से भी वह अनजान नहीं रहेंगे। बच्चे ऑनलाइन एक्टिविटी में कुछ ज्यादा ही दिलचस्पी लेते हैं। ऐसे में सयम-सयम पर दी जाने वाली सलाह और जानकारी उनके लिए अच्छी रहेगी।

बच्चों कि ऑनलाइन जिंदगी में रहें शामिल

बच्चों को ब्राउज़िंग के नफा-नुकसान बताते वक्त इंटरनेट को किसी गलत चीज की तरह पेस न करें। इससे बच्चों को इंटरनेट का इस्तेमाल करते वक्त लगेगा कि शायद उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। बेहतर है कि बच्चों के सामने विश्वास की एक लकीर खींचकर रखें। उन्हें भरोसा दिलाएं कि इंटरनेट ब्राउज़िंग या सोशल मीडिया पर कोई भी परेशानी होने पर आपसे मदद ले सकता है।

सोशल मीडिया पर रहे कनेक्ट

टीनेज में कदम रखते ही सोशल मिडिया प्लेटफार्म पर आना चाहते हैं। पेरेंट्स के लिए यह नया ऑनलाइन चैलेंज बन जाता है। बच्चों को इस प्लेटफार्म से रोकना समस्या का हल नहीं है। बेहतर है कि उन्हें इस बात के लिए तैयार करें कि अपने सोशल अकाउंट में वह आपको भी शामिल करें। ऐसा करके आप बिना प्राइवेसी में दखल दिए उनकी ऑनलाइन एक्टिविटी देख सकते है। बेशक बच्चे की ऑनलाइन सुरक्षा आपको मुश्किल लगती हो, लेकिन सूझबूझ से आसान बनाया जा सकता है।

                                                                                                                        लेखिका ज्योति राघव

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